सेवा, सुशासन और संकल्प का स्वर्णिम अध्याय

Golden chapter of service, good governance and resolve

कुछ कालखंड राष्ट्र की दिशा और दशा बदलने वाले युग बन जाते हैं।” उन्हें इतिहास में अलग ही अध्याय के रूप में लिखा जाता है। ऐसा ही एक अध्याय पिछले 12 सालों से भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में लिखा जा रहा है। यह काल राष्ट्र की चेतना के जागरण, वैश्विक पटल पर भारत की एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में पहचान और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के पुन:उत्थान का युग है। और इस युग का नेतृत्व एक ऐसे राष्ट्र पुरुष ने किया है, जिनमें 140 करोड़ भारतीयों के अटूट विश्वास, आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंबदिखता है। यह आजादी के बाद दूसरी बार हुआ है कि भारत की जनता ने लगातार तीन बार किसी नेता में अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए विश्वास व्यक्त किया है। जनता ने बार-बार ऐसे नेतृत्व पर भरोसा जताया, जिसने हर निर्णय और हर नीति के केंद्र में राष्ट्र प्रथम को रखा। इस महान नेतृत्व को कोटि-कोटि नमन।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के 12 वर्ष पूरे होना भारत के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के पुनर्जागरण की गाथा है। एक समय था जब भारत को संभावनाओं का देश कहा जाता था, लेकिन आज भारत “उपलब्धियों का देश” बनकर दुनिया के सामने खड़ा है। यह परिवर्तन किसी एक योजना, किसी एक निर्णय या किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र राष्ट्र निर्माण की एक व्यापक प्रक्रिया का परिणाम है।

भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता है। यह वह भूमि है जिसने दुनिया को योग, आयुर्वेद, ध्यान, दर्शन और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। लेकिन लंबे समय तक हमने अपनी इसी अमूल्य धरोहर को केवल इतिहास की पुस्तकों तक सीमित कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक चेतना को पुनः जागृत किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि आधुनिकता और परंपरा विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनिया के 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण केवल धार्मिक परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक अस्मिता के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। इन पहलों ने करोड़ों भारतीयों के मन में अपनी सभ्यता और संस्कृति के प्रति नया गर्व पैदा किया है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। यह उपलब्धि करोड़ों भारतीयों के जीवन स्तर में सुधार का संकेत है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रहा। वस्तु एवं सेवा कर (GST), उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना और व्यापार के लिए ईज ऑफ डुइंग बिजनेस जैसपहलों ने भारत को निवेश और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में यदि किसी एक परिवर्तन को विशेष रूप से रेखांकित किया जाए, तो वह भारत की डिजिटल क्रांति है। एक समय था जब सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचने से पहले ही व्यवस्था की खामियों में खो जाता था। भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका आम चर्चा का विषय थी। आज जनधन और तकनीक की शक्ति ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। 53 करोड़ से अधिक जनधन खाते, दुनिया क सबसे अधिक UPI हस्तांतरणों ने भारत को डिजिटल शासन का वैश्विक मॉडल बना दिया है। DBT के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और गरीबों को उनका अधिकार मिला है।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण सफलता गरीब कल्याण रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए उन्होंनेविकास की धारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़परिवारों को पक्के घर दिए। उज्ज्वला योजना ने लगभग 11 करोड़ गरीब माताओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाई। स्वच्छ भारत मिशन में 12 करोड़ से अधिकशौचालयों का निर्माण कर महिलाओं के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा की। जल जीवन मिशन ने गांव-गांव तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया। आयुष्मान भारत योजना में 60 करोड़ गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की। इन योजनाओं से करोड़ों लोगों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

वर्ष 2020 में जब पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी की चपेट में थी, तब भारत के सामने भी विकट हालात थे। लेकिन, माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में भारत ने आपदा को अवसर में बदलते हुए अपनी क्षमता और नेतृत्व का परिचय दिया। एक समय जो देश वैक्सीन आयात करता था, वही देश दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक और आपूर्तिकर्ता बन गया। वैक्सीन मैत्री अभियान के माध्यम से भारत ने लगभग 60 देशों की सहायता की और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। यही वह समय था जब आत्मनिर्भर भारत का संकल्प राष्ट्रीय आंदोलन का रूप लेने लगा। रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए।

आज विश्व मंच पर भारत की भूमिका भी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली और निर्णायक है। एक समय था जब भारत वैश्विक घटनाओं का पर्यवेक्षक माना जाता थालेकिन, आज भारत वैश्विक विमर्श का नेतृत्व कर रहा है। जी-20 की सफल अध्यक्षता, एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य का संदेश, ग्लोबल साउथ की आवाज़ को विश्व मंच तक पहुंचाना और संतुलित विदेश नीति के माध्यम से विभिन्न वैश्विक शक्तियों के साथ मजबूत संबंध बनाना माननीय प्रधानमंत्री जी की वैश्विक कूटनीति और भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत किसी के पीछे चलने वाला देश नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर दुनिया के साथ साझेदारी करने वाला आत्मविश्वासी राष्ट्र बने।

भारत की इस विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसकी युवा शक्ति है। आज का युवा रोजगार सृजक बनने की आकांक्षा रखता है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर के नवाचार कर रहे हैं।

इन 12 वर्षों में एक और महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है, वह है सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद का सशक्तीकरण। प्रधानमंत्री मोदी जी ने राज्यों को विकास का साझेदार बनाया है। नीति आयोग की नई कार्यप्रणाली, राज्यों को अधिक भागीदारी और नवाचार के अवसर तथा विकास आधारित प्रतिस्पर्धा ने पूरे देश में सकारात्मक परिवर्तन की नई संस्कृति विकसित की है। हरियाणा सहित अनेक राज्यों ने इस मॉडल का लाभ उठाते हुए आधारभूत संरचना, उद्योग, कृषि, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

हरियाणा के दृष्टिकोण से देखें तो प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के विजन ने राज्य के विकास को नई प्रेरणा प्रदान की है। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ तथा नई टर्मिनल बिल्डिंग की आधारशिला प्रदेश की कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यमुनानगर में दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट की 800 मेगावाट क्षमता वाली नई इकाई एवं कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट का शिलान्यास ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना, एम्स रेवाड़ी, ज्योतिसर अनुभव केंद्र, रेलवे अवसंरचना उन्नयन तथा विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं प्रदेश में आधुनिक आधारभूत ढांचे के निर्माण को नई दिशा दे रही हैं।

हरियाणा में 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग, लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश, खेलों में देश के दो तिहाई से अधिक पदक जीतना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये मिलना जनसेवा व विकास की नई मिसाल हैं। इनके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में लगभग 15 लाख महिलओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलना, पी.एम. कुशुम योजना के तहत 1,93,000 सोलर ट्यूबवेल लगना, वीबी जी रामजी के तहत 5,337 करोड़ रुपये श्रमिकों को मिलना तथा आयुष्मान भारत चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लोगों को 4,148 करोड़ रुपये से मुफ्त इलाज मिलना जैसी कितनी ही पहलें हैं, जिनका एक ही लेख में उल्लेख किया जाना संभव नहीं है।

आज भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह लक्ष्य 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ साथ एक ऐसा भारत होगा, जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र होगा।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की यह यात्रा हमें यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब परिवर्तन अवश्य संभव होता है। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी है। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य कउद्घोष है।

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