हेलीकॉप्टर हादसे में यूकाडा का बड़ा आरोप, कंपनी ने खतरा जानकर भी यात्रियों को मौत के मुहं में धकेला

Major allegation by UCADA regarding helicopter crash: Company knowingly put passengers in harm's way, leading them to their deaths.

कुलदीप कुमार, चमोली -बदरीनाथ घाटी में ट्रांस भारत एविएशन के हेलिकॉप्टर हादसे में छह लोगों की मौत के बाद चारधाम हवाई सेवाओं के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के दिन मौसम खराब होने का ऑरेंज अलर्ट जारी था। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए चारधाम मार्ग पर सभी हेलिकॉप्टर सेवाएं रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर उड़ान भरकर बदरीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ। प्राधिकरण ने इसे आदेश की अनदेखी बताते हुए कंपनी पर सवाल उठाए हैं। अब जांच का दायरा केवल हादसे के कारणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि उड़ानें रोकने के आदेश के बाद ट्रांस भारत एविएशन के अलावा किसी अन्य हेली सेवा प्रदाता कंपनी ने भी अपने हेलिकॉप्टर संचालित किए थे या नहीं,
यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय टोलिया के अनुसार, शुक्रवार को खराब मौसम को देखते हुए चारधाम मार्ग पर सभी हवाई सेवाएं रोकने का आदेश जारी किया गया था। यह निर्देश प्राधिकरण के संचालन प्रमुख ग्रुप कैप्टन अमित शर्मा (सेवानिवृत्त) ने जारी किए थे। बताया गया है कि यह आदेश हेलिकॉप्टर हादसे से करीब एक घंटे पहले दिया गया था। इसके बावजूद ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने उड़ान संचालित की। टोलिया ने स्पष्ट किया कि हेलिकॉप्टर सेवाओं के संचालन में यूकाडा नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्धारित नियमों का पालन करता है। मौसम खराब होने पर नियमानुसार उड़ानें रोकने का निर्णय लिया गया था। ऐसे में अब यह जांच की जा रही है कि कंपनी तक आदेश पहुंचा था या नहीं, उसके बावजूद उड़ान क्यों संचालित की गई और इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई।

हेलिकॉप्टर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों की टीम उत्तराखंड पहुंच गई है। टीम घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना से जुड़े तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में मौसम की स्थिति, उड़ान से संबंधित अभिलेख, हेलिकॉप्टर के संचालन की परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों के पालन जैसे बिंदुओं को शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही यूकाडा के उड़ान रोकने के आदेश और उसके बाद हुए हवाई संचालन की भी जांच होगी। जांच दल यह भी पता लगाएगा कि आदेश की सूचना संबंधित कंपनियों को कब और किस माध्यम से दी गई तथा उसके बाद किन कंपनियों ने उड़ानें संचालित कीं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

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