2 मई को नई दिल्ली में होगा शिक्षा को लेकर मंथन, देश के बड़े शिक्षाविद होगें शामिल: सीईजीआर
On May 2, there will be a discussion on education in New Delhi, the country's top educationists will be involved: CEGAR
सीईजीआर कर रहा है ‘थर्ड समिट ऑन विजन 2047 इन एजुकेशन’ थीम पर समिट का आयोजन

नई दिल्ली. सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च (सीईजीआर) दिल्ली समेत देशभर में नियमित रूप से शिक्षा, कौशल विकास और अनुसंधान से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर समिट, कांफ्रेंस एंड वेबिनार का सफल आयोजन करता है और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को सिफारिशें भेजता है. अपनी इस पहल को आगे बढ़ाते हुए सीईजीआर 2 मई, 2024 (गुरुवार) को सुबह 9 बजे से होटल इरोस, नेहरू प्लेस, नई दिल्ली में ‘थर्ड समिट ऑन विजन 2047 इन एजुकेशन’ थीम पर समिट का आयोजन करने जा रहा है. समिट के आयोजन को लेकर सीईजीआर के डायरेक्टर रविश रोशन कहते है कि देश की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस तरह की पहल पिछले 12 सालों से सीईजीआर कर रहा है. इस समिट में देश भर से आए जाने माने शिक्षाविद भाग लेगें. समिट में एनएएसी, एनबीए एंड एनईटीएफ के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल डी सहस्रबुद्धे, एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर टी.जी सीताराम, एआईसीटीई के मेंबर सेक्रेटरी राजीव कुमार, सीईजीआर के नेशनल प्रेसिडेंट पद्मश्री प्रोफेसर जी.डी यादव, एआईसीटीई के एडवाइजर व सीईजीआर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. रमेश उन्नीकृष्णन, एआईसीटीई के एडवाइजर डॉ. आर.के सोनी, सीबीएसई के डायरेक्टर डॉ. विश्वजीत साहा, मीडिया एंड स्किल काउंसिल के सीईओ मोहित सोनी, मेंटर सीईजीआर एंड साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट के.के अग्रवाल, मेंटर सीईजीआर व शोभित यूनिवर्सिटी के चांसलर कुंवर शेखर विजेंद्र, एएएफटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. संदीप मारवाह, एएसएम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूट्स के चेयरमैन डॉ. संदीप पचपांडे, महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर एन के सिन्हा, जेएनसीटी के चांसलर डॉ. अनुपम चौकसे समेत कई शिक्षाविद अपना वक्तव्य रखेगें. समिट को लेकर डायरेक्टर, सीईजीआर कहते हैं कि विकसित भारत के संकल्पों के संबंध में यह समिट बहुत महत्वपूर्ण है. विकसित भारत के निर्माण से संबंधित इस समिट का आयोजन किया जा रहा है. देश की युवा शक्ति को दिशा देने की जिम्मेदारी शिक्षाविदों पर है और उन्हें हम एक मंच पर ला रहे हैं. शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका व्यक्ति का विकास करना है, और केवल व्यक्ति के विकास के माध्यम से ही राष्ट्र का निर्माण होता है. सीईजीआर देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी थिंक टैंक है, जिसे चार इन्नोवेशंस का श्रेय दिया जाता है. सीईजीआर शिक्षाविदों, मीडिया और पॉलिसी मेकर्स के बीच संवाद के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करता है और शैक्षिक विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देता है. 10,000 से अधिक शिक्षाविदों, कॉर्पोरेट और शोधकर्ताओं के साथ, सीईजीआर के नेशनल काउंसिल में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 100 कुलपति और अग्रणी उद्योगपति शामिल हैं. सीईजीआर अपनी प्रमुख सामाजिक पहल यानी भारतीय शिक्षा महोत्सव के तहत एक ही दिन में 14 राज्यों में 56 सफल कार्यक्रम आयोजित करने वाला एकमात्र शिक्षण थिंक टैंक है.
