प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदेश के विकास को लेकर विस्तार से हुई चर्चाः मुख्यमंत्री नायब सैनी
There was a detailed discussion with Prime Minister Narendra Modi about the development of the state: Chief Minister Naib Saini

नई दिल्ली, 27 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में मुलाकात की। इस मुलाकात के उपरांत हरियाणा भवन, नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से हरियाणा प्रदेश के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। इस दौरान हरियाणा की नई औद्योगिक पॉलिसी, प्रदेश में नया निवेश व विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हाल ही में लॉन्च की गई नई औद्योगिक नीति (New Industry Policy) और उसके साथ जारी की गईं नौ सेक्टोरल पॉलिसियों के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया। नई औद्योगिक नीति के तहत अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जिस दिन पॉलिसी लॉन्च की, उसी दिन ₹1,10,000 करोड़ का निवेश आया, जिसमें से लगभग ₹25,000 करोड़ धरातल पर उतर चुका है। इसके अलावा हाल ही में जापान यात्रा के दौरान साढ़े चार हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे, जिनमें से ढाई हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। प्रदेश में जो एमएसएमई पॉलिसी लॉन्च की गई है, उस संबंध में भी अवगत करवाया गया। इसी महीने मुंबई में प्रमुख उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक में भी लगभग 66 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं। इन सब की जानकारी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को दी गई।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नारनौल के नांगल चौधरी में तैयार हो चुके इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक हब के प्रथम चरण के बनकर तैयार हो जाने के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी। साथ ही 27 अगस्त से शुरू हुए विधानसभा सत्र की जानकारी भी साझा की। प्रधानमंत्री ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की बहनों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेशवासियों को इस पवित्र पर्व की बधाई दी।
*गुरुग्राम में जलभराव पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान*
गुरुग्राम में जलभराव को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बीते 12 वर्षों से गुरुग्राम के सुधार के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण एकदम से अत्यधिक वर्षा हो रही है। इस वर्ष गुरुग्राम में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। प्रदेश में यमुनानगर के बाद सबसे अधिक वर्षा गुरूग्राम में हुई है। गुरुग्राम में 6, 7 और 8 अगस्त को लगभग 230 मिलीमीटर वर्षा हुई, फिर भी जल निकासी व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम करती रही। 24 अगस्त को बहुत कम समय में अत्यधिक तीव्र वर्षा से कुछ क्षेत्रों में जलभराव हुआ, लेकिन सुधरी व्यवस्था के चलते लगभग दो घंटे में स्थिति सामान्य हो गई।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि जल भराव पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान है। पहली बार कैमरा आधारित निरीक्षण से नालों की डी-सिल्टिंग सुनिश्चित की गई है। चिन्हित 99 जलभराव बिंदुओं में से अधिकांश स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 13,000 मीट्रिक लीटर वर्षा जल का रिचार्ज हुआ है। हीरो होंडा चौक पर जयपुर-दिल्ली हाईवे पर नए नाले का निर्माण किया है। लैग-1,2,3 पर अतिक्रमण हटाकर उसकी सफाई की है और लैग-4 को चालू किया है। इससे गुरुग्राम में जलभराव की समस्या का समाधान हुआ है। अरावली तलहटी में चेक डैम बनाकर पहाड़ी क्षेत्र से सीधे आने वाले पानी को रोका गया है। ग्रीन बैल्ट सड़क से ऊपर से उसे भी नीचा किया है, इससे सड़क पर पानी कम हुआ है। 74 पुराने तालाबों व जल निकायों को व्यवस्थित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जापानी कंपनी निप्पॉन कोई से सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद गुरुग्राम के निचले इलाकों के पानी को नूंह होते हुए यमुना तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही आईआईटी दिल्ली के सहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग की नई परियोजना शुरू की गई है, इससे भूजल रिचार्ज किया जा रहा है। इसके तहत अगले मानसून सत्र से पहले ऐसे सौ स्ट्रक्चर स्थापित किए जाएंगे, जिससे मानसून में 25 से 30 करोड़ लीटर पानी भूजल में रीचार्ज हो सकेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले मानसून सत्र तक स्थिति में और बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
*कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं हैं*
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन और वॉकआउट को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह झूठ बोलकर जनता व सदन को गुमराह करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब सदन में तथ्यों पर बात होती है तो विपक्ष सदन से भाग जाता है और हंगामा खड़ा करता है। उन्होंने सदन में एक दलित-सिख विधायक द्वारा 1984 के दंगों के विरोध में उठाई गई आवाज को कांग्रेस द्वारा दबाने के प्रयास पर भी कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि इस प्रकार से किसी की आवाज को दबाना उचित नहीं है।
