सीयूईटी के लिए एनटीए पर आवेदन में टॉप टेन में 7 वें नंबर पर रहा एयूडी: कुलपति

AUD ranked 7th in top ten in applications on NTA for CUET: Vice Chancellor

 

शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय ने लांच किया एडमिशन ब्रोशर

पब्लिक पालिसी एंड गवर्नेंस में शुरू होगा एमए का नया प्रोग्राम: प्रो। अनु सिंह लाठर

 

नई दिल्ली, 30 अप्रैल।

डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली (एयूडी) में इस बार एमए इन पब्लिक पालिसी एंड गवर्नेंस नामक नया प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 60 सीटों के साथ इसकी शुरुआत की जा रही है। यह जानकारी अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के स्नातक और स्नातकोत्तर दाखिलों के लिए विश्वविद्यालय का एडमिशन ब्रोशर भी लांच किया गया। कुलपति ने बताया कि अंबेडकर विश्वविद्यालय एनटीए सीयूइटी के आधार पर दाखिले करता है। इस बार 200 के करीब विश्वविद्यालय सीयूइटी पोर्टल पर हैं, फिर भी स्टेट यूनिवर्सिटी होने के बावजूद एनटीए सीयूइटी में देशभर के टॉप टेन विश्वविद्यालयों में एयूडी 7 वें नंबर पर रहा है।

कुलपति ने बताया कि सीयूइटी पोर्टल पर करीब 4 लाख विद्यार्थियों ने पीजी और यूजी में एयूडी को चुना है। यूजी के लिए 309237और पीजी के लिए 89773 विद्यार्थियों ने एयूडी को चुना है। उन्होंने बताया कि एयूडी में 18 स्नातक और 27 स्नातकोत्तर प्रोग्राम उपलब्ध हैं। जारी शैक्षणिक सत्र में इन सभी प्रोग्रामों में कुल 2595 सीटों पर दाखिले किये जाएंगे जिनमें से 1141 यूजी और 1454 पीजी की सीटें हैं। उन्होंने बताया कि पीएचडी के लिए 23 प्रोग्रामों में भी दाखिले जून में होंगे जोकि सीयूइटी के आधार पर ही किये जाएंगे। प्रो अनु सिंह लाठर ने बताया कि एयूडी स्टेट यूनिवर्सिटी है इसलिए यहां 85% दिल्ली से पास हुए विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है जबकि 15% सीटों पर दिल्ली से बाहर के विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं। इस अवसर पर उनके साथ रजिस्ट्रार डॉ नितिन मलिक, सीओएफ़ राजीव तलवार, डीन स्टूडेंट सर्विस प्रो संतोष सिंह, प्रॉक्टर प्रो सत्यकेतू और डीन प्लानिंग प्रो कार्तिक दवे आदि भी उपस्थित रहे।

 

78 विषयों में कॉम्पिटेंस एनहांसमेंट कोर्स शुरू

कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने बताया कि इस बार से कॉम्पिटेंस एनहांसमेंट कोर्सों के लिए भी दाखिले शुरू किये जा रहे हैं। इसके लिए कुल 148 विषय चुने गए हैं जबकि इस सेमेस्टर में 78 विषयों में दाखिलों का प्रावधान रखा गया है। एक प्रश्न के उत्तर में कुलपति ने बताया कि इसके लिए हर समेस्टर में प्रति विषय फीस 8 हजार रुपये होगी। उन्होने बताया कि इसके तहत उम्र की कोई सीमा नहीं है। कोई भी वर्किंग प्रोफेशनल अथवा विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार इन कोर्सों को ज्वाइन कर सकता है।

 

एयूडी में आरक्षण के प्रावधान

प्रो लाठर ने बताया कि इस बार से प्रत्येक प्रोग्राम में अनाथ कोटा के तहत भी एक-एक सीट के आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। इनके लिए पूरी फीस माफ़ होगी। दाखिलों में अन्य आरक्षण को लेकर कुलपति ने बताया कि स्पोर्ट्स और सीसीए कोटा के तहत प्रत्येक प्रोग्राम में एक-एक सीट के आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। इनके अतिरिक्त सुपरन्यूमेररी कोटा के तहत डिफेंक, कश्मीरी विस्थापित, पीडब्ल्यूडी और सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी आरक्षण का प्रावधान रखा गया है।

 

पीएचडी में 100 नए एयूडी एमआरएफ़ की स्थापना

विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पीएचडी में 100 एयूडी एमआरएफ़ की स्थापना की गई है। इसके तहत मेरिट होल्डर्स को विश्वविद्यालय की ओर से प्रति माह यूजीसी जेआरएफ़ के बराबर भत्ता देने की व्यवस्था की गई है। उन्होने बताया कि एयूडी में जेआरएफ़ के अलावा भी बिना नेट/जेआरएफ़ के शोधार्थियों को भी 16 हजार रुपए प्रति माह भत्ता दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 33 विद्यार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय शोध को आवर बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्प है।

 

डिजी लाकर में उपलब्ध हैं एयूडी की सभी डिग्रियां

कुलपति ने बताया कि एयूडी के अभी तक के सभी विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजी लाकर में अपलोड कर दी गई हैं। डब्ल्यूइएस को भी इनका एक्सेस है। दुनिया में कहीं से भी एयूडी की डिग्रियों को वेरीफाई किया जा सकता है। अब डाक से यह काम करवाने की जरुरत नहीं है। इससे विदेशी विश्वविद्यालयों में पढने के इच्छुक विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा।

 

ईडब्ल्यूएस के लिए फीस माफ़ी के प्रावधान

फीस माफी को लेकर विस्तार से जानकारी देते हुए कुलपति ने बताया कि सभी एससी और एसटी विद्यार्थियों से अंबेडकर विश्वविद्यालय में कोई फीस नहीं ली जाती है, इस के लिए कोई क्रीमी लेयर का प्रतिबंध भी लागू नहीं किया गया है। ईडब्ल्यूएस के लिए 10% का प्रावधान सरकार के अनुसार है। कुलपति ने बताया कि इसके तहत जिन विद्यार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपए से कम हैं उनकी पूरी फीस माफ की जाती है। 3 से 4 लाख तक की आय वाले विद्यार्थियों की 75%, 4 से 5 लाख तक की आय वालों के लिए 50% और 5 लाख से 6 लाख तक की वार्षिक आय वालों के लिए 25% फीस माफ की जाती है।

 

इस वर्ष मिली 168 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट

कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने बताया कि पिछले 3 वर्षों से ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट के तहत कंपनियों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष 2023-2024 में 92 कम्पनियां एयूडी में आई और कुल 168 विद्यार्थियों की कैंपस प्लेसमेंट हुई। पिछले वर्ष 121 विद्यार्थियों की कैंपस प्लेसमेंट हुई थी और उससे पिछले वर्ष 66 विद्यार्थियों की कैंपस प्लेसमेंट हुई थी।

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