ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने सीएम के सरकारी आवास में की शिष्टाचार भेंट, ब्रिटेन और भारत के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
British High Commissioner Lindy Cameron made a courtesy visit to the CM's official residence, expressed gratitude to the Chief Minister for taking forward the partnership between Britain and India

लखनऊ, 8 अगस्त। ब्रिटिश उच्चायुक्त, लिंडी कैमरून ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के बाद लिंडी कैमरून ने ब्रिटेन और भारत के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि सीएम योगी के साथ उनकी उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा, व्यापार, इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य क्षेत्रों में अवसरों और भागीदारी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम योगी ने भी ब्रिटिश उच्चायुक्त के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।
सीएम योगी का जताया आभार
सीएम योगी ने अपने एक्स हैंडल पर तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर ब्रिटिश उच्चायुक्त, श्रीमती लिंडी कैमरून से शिष्टाचार मुलाकात की।” सीएम योगी की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने लिखा, “उत्तर प्रदेश की अपनी पहली यात्रा और किसी मुख्यमंत्री से पहली मुलाकात के दौरान आपके मूल्यवान विचार साझा करने और भारत व ब्रिटेन के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का धन्यवाद। उच्च शिक्षा के संबंध, व्यापार के अवसर, इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य क्षेत्रों में बहुत कुछ आगे ले जाना है।” उल्लेखनीय है कि ऑक्सफोर्ड से स्नातक और यूके के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र की पूर्व सीईओ लिंडी कैमरून को इसी वर्ष भारत में यूके की उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है। वह भारत में पहली महिला ब्रिटिश उच्चायुक्त भी हैं।
यूके की कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बना उत्तर प्रदेश
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश चमड़ा एवं टेक्सटाइल, स्वास्थ्य सेवा, सौर ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में ब्रिटेन के निवेशकों को अनेक अवसर प्रदान करता है। एबी मौरॉी जैसी कंपनियों ने पहले ही भारत में अपने निवेश गंतव्य के रूप में उत्तर प्रदेश को चुना है। ब्रिटिश फूड्स पीएलसी एबी मौरी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 1100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया यीस्ट विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर से कंपनी को भूमि आवंटित कर दी गई है और राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के अंतर्गत प्रोत्साहन (पूंजीगत सब्सिडी) के लिए लेटर ऑफ कंफर्ट भी अनुमोदित कर दिया गया है। प्रदेश के विशाल बायोटेक इकोसिस्टम का लाभ उठाते हुए जीनस ब्रीडिंग इंडिया प्रा. लि. द्वारा 12 करोड़ रुपए के निवेश से पशुपालन विभाग द्वारा प्रदान की गई भूमि पर लखनऊ में अपनी इकाई स्थापित की है। इसी तरह उत्तर प्रदेश डिफेंस सेक्टर में निवेश के अवसरों के लिए यूके के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है। यूके की कंपनी वेबली एंड स्कॉट (सियाल मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि.) द्वारा 7.62 करोड़ रुपए के निवेश से संडीला फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में एयर गन की मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक प्लांट स्थापित किया गया है। कंपनी ने जून 2020 में अपना संचालन प्रारंभ कर दिया है। इसके अतिरिक्त एफएमसीजी कंपनी यूनिलिवर ने हमीरपुर में और केमिकल कंपनी जॉनसन मैथे ने कानपुर में अपनी इकाई का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में विकसित हो रही वायु, जल, सड़क एवं रेल नेटवर्क की कनेक्टिविटी से राज्य के उद्योगों एवं मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को अपना माल भारत एवं विदेशों के बाजारों में भेजना बेहद आसान हो गया है। प्रदेश 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ देश का एकमात्र राज्य बनने के लिए तत्पर है। प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए लगभग 25 से अधिक नीतियां लागू कर औद्योगिक विकास के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। राज्य में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए विशिष्ट एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों के निवेश के लिए प्रोत्साहन नीति 2023 भी घोषित की है। गौरतलब है कि भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने लगातार टॉप अचीवर की उपाधि प्राप्त की है।
