स्वच्छता ही सेवा 6.0: पीआईबी, सीबीसी चंडीगढ़ ने जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छता अभियानों की श्रृंखला आयोजित की
Swachhta Hi Seva 6.0: PIB, CBC Chandigarh organized a series of cleanliness campaigns to promote public participation
स्वच्छता हमारे परिवेश के प्रति अनुशासन, जिम्मेदारी और सम्मान की संस्कृति का निर्माण करती है: प्रीतम सिंह, निदेशक, पीआईबी चंडीगढ़
महत्वपूर्ण और स्थायी प्रभाव के लिए प्रधानमंत्री के ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के संदेश का प्रसार करें: सपना, उप निदेशक, पीआईबी चंडीगढ़

चंडीगढ़: 28 सितंबर, 2026
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), चंडीगढ़ और केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), चंडीगढ़, ‘स्वच्छता ही सेवा 6.0’ में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इसके तहत स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों के साथ-साथ व्यापक समुदाय के बीच स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और “जन भागीदारी” की भावना को सुदृढ़ करना है।
17 सितंबर, 2026 को शुरू हुआ यह अभियान 2 अक्टूबर, 2026 तक जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता को केवल एक अभियान-आधारित गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि दैनिक जीवन के एक अभिन्न अंग के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभिन्न पहलों के माध्यम से, अभियान इस संदेश को सुदृढ़ करना चाहता है कि एक स्वच्छ वातावरण एक साझी जिम्मेदारी है जिसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से निरंतर भागीदारी की आवश्यकता है।
इस अवसर पर बोलते हुए, पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक श्री प्रीतम सिंह ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता विशेष अवसरों या निर्धारित स्वच्छता अभियानों तक सीमित रहने के बजाय एक निरंतर अभ्यास बननी चाहिए।
उन्होंने कहा, “स्वच्छता को कभी भी एक दिवसीय गतिविधि या ऐसे अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए जिसे हम केवल किसी विशेष अवसर पर करते हैं। इसे एक दैनिक आदत और, इससे भी महत्वपूर्ण, हमारे सामूहिक जीवन जीने के तरीके का एक हिस्सा बनना होगा। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, कार्यस्थल, परिवेश और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी लेता है, तो इसका प्रभाव तात्कालिक वातावरण से कहीं आगे तक जाता है। यह हमारे परिवेश के प्रति अनुशासन, जिम्मेदारी और सम्मान की संस्कृति का निर्माण करता है। निरंतर प्रयासों और सभी की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से, हम अपने लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक सुंदर वातावरण के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।”
इसी प्रकार, पीआईबी चंडीगढ़ की उप निदेशक सुश्री सपना ने स्वस्थ और स्वच्छ परिवेश के निर्माण में सामूहिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला और इस बात पर बल दिया कि एक साथ मिलकर किए जाने पर छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी सार्थक परिवर्तन ला सकते हैं।
उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमारे परिवेश को स्वच्छ रखना केवल देखने में स्वच्छ वातावरण बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि सांस लेने, रहने और आगे बढ़ने के लिए एक स्वस्थ और बेहतर स्थान बनाने के बारे में भी है। स्वच्छ परिवेश सीधे तौर पर हमारी भलाई में योगदान देता है और हमारे समुदाय के प्रति हमारी जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बार-बार जोर दिया है, ‘जन भागीदारी’ की भावना व्यक्तिगत प्रयासों को एक शक्तिशाली सामूहिक आंदोलन में बदल सकती है। यदि हम ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के संकल्प के साथ आगे आएं, तो हमारे समय का एक छोटा सा योगदान भी एक महत्वपूर्ण और स्थायी प्रभाव पैदा कर सकता है। स्वच्छता अभियान की वास्तविक ताकत स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाने में निहित है, जहां प्रत्येक नागरिक जिम्मेदार महसूस करे और प्रत्येक प्रयास का महत्व हो।”
अभियान के तहत कार्यालय परिसर में स्वच्छता, जागरूकता और उत्तरदायी अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की गई है।
गतिविधियों की शुरुआत 18 सितंबर, 2026 को एक बैठक के साथ हुई, जिसका आरंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद व्यक्तिगत घरों और कार्यस्थलों से लेकर गलियों और सार्वजनिक स्थानों तक स्वच्छता बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए स्वच्छता शपथ दिलाई गई।
इसके बाद कई पहलें की गईं, जिनमें पुराने अखबारों के ढेरों को बेसमेंट में स्थानांतरित करना और उस क्षेत्र की सफाई करना, कर्मचारियों और सफाई मित्रों के बीच डेटॉल हैंडवॉश, मास्क, हैंड ग्लव्स और डस्टर का वितरण, अलमारियों व भंडारण क्षेत्रों की सफाई और व्यवस्था, तथा स्वच्छता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कार्यालय परिसर के गलियारों में एक पोस्टर प्रदर्शनी लगाना शामिल था।
इस अभियान में सफाई मित्रों के योगदान को भी सराहा गया, जो कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सम्मान स्वरूप, सफाई मित्रों को बैग, स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसमें एक स्वच्छ और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में उनकी समर्पित सेवाओं और योगदान को मान्यता दी गई।
एक अन्य प्रमुख संपर्क पहल में, पीआईबी और सीबीसी चंडीगढ़ ने माई भारत (MY Bharat) के सहयोग से, जन भागीदारी का संदेश फैलाने और स्वच्छता अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए युवा नागरिकों से संवाद किया।
श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, सेक्टर 44, चंडीगढ़ के पास सार्वजनिक मैदान में छात्रों के साथ एक स्वच्छता अभियान, स्वच्छता शपथ और जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस पहल ने युवा प्रतिभागियों को अपने परिवेश में स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में संवेदनशील बनाने के लिए एक मंच प्रदान किया और उन्हें अपने घरों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों के भीतर स्वच्छता संदेश का दूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस तरह की पहलों में युवाओं की भागीदारी का उद्देश्य प्रारंभिक चरण से ही नागरिक जिम्मेदारी की भावना का पोषण करना और स्वच्छता को जागरूकता, भागीदारी और निरंतर कार्रवाई द्वारा संचालित एक सामूहिक सामाजिक आंदोलन में बदलना है।
यह अभियान आने वाले दिनों में निर्धारित कई गतिविधियों के साथ जारी रहेगा। इनमें पार्किंग क्षेत्र और कार्यालय परिसर के प्रवेश द्वार के पास स्वच्छता अभियान, साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत कार्यालय परिसर के भीतर 10 पौधे लगाना शामिल है।
‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के संदेश को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए लीजर वैली, सेक्टर 10, चंडीगढ़ में भी एक स्वच्छता अभियान आयोजित किया जाएगा।
‘स्वच्छता से समृद्धि’ के सिद्धांत के अनुरूप, स्वच्छता गतिविधियों के दौरान एकत्र किए गए पुराने अखबारों को रीसाइक्लिंग के लिए भी बेचा जाएगा, जिससे जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के संदेश को सुदृढ़ किया जा सके और यह प्रदर्शित किया जा सके कि अपशिष्ट सामग्री को किस प्रकार उत्पादक उपयोग की ओर निर्देशित किया जा सकता है।
गतिविधियों की यह श्रृंखला 2 अक्टूबर, 2026 को स्वच्छता को बढ़ावा देने और अभियान की अवधि से आगे भी स्वच्छता की भावना को आगे ले जाने के नए संकल्प के साथ संपन्न होगी।
स्वच्छता ही सेवा 6.0 के माध्यम से, पीआईबी और सीबीसी चंडीगढ़ इस संदेश को सुदृढ़ करना चाहते हैं कि स्वच्छता केवल किसी विशेष विभाग, संस्था या लोगों के समूह की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है जिसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है। यह अभियान जागरूकता को कार्रवाई में बदलने और स्वच्छता को एक सतत आदत और एक साझी सामाजिक प्रतिबद्धता बनाने के महत्व को रेखांकित करता है।
