शिक्षक को छेडछाड़ के आरोपों से बरी करने के निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी
The decision to acquit the teacher of molestation charges will be challenged in the High Court

देहरादून,उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की एक अदालत द्वारा एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोपों से बरी करने के निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।अल्मोड़ा के अभियोजन अधिकारी बिन्देश्वरी प्रसाद टम्टा ने बताया कि जिले के विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) श्रीकांत पांडेय ने पिछले सप्ताह रानीखेत के एक राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक को संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अपील करने का फैसला किया है।टम्टा ने बताया कि वर्ष 2022 में अलग-अलग समय पर स्कूल की आठ छात्राओं ने शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि अदालत में आठ शिकायतकर्ताओं में से पांच ने आरोपों को सही बताया जबकि तीन अन्य अपने बयान से पीछे हट गयीं। मामले में 20 गवाह भी प्रस्तुत किए गए। उन्होंने बताया कि मामले में पॉक्सो के विशेष अभियोजक घनश्याम जोशी पेश हुए।टम्टा ने कहा कि चूंकि ज्यादातर बालिकाओं ने आरोपों को सही बताया है और चिकित्सकीय परीक्षण में भी उनके साथ छेड़खानी की पुष्टि हुई है, इसलिए हम उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
