समय की है मांग ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’- आईसीसीआई
The need of the hour is 'One Nation-One Election'- ICCI

नई दिल्ली. देशभर में लंबे समय से लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराये जाने की मांग चल रही है. इस मसले पर देश में एक बार फिर से बहस चल रही है. वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर इंटीग्रेटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) के डायरेक्टर नीरज कुमार मिश्रा कहते है कि देश में वन नेशन-वन इलेक्शन लागू होने पर देश का पैसा और समय दोनों बचेगा. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस विचार का समर्थन कर इसे आगे बढ़ाया है. इस मसले पर चुनाव आयोग, नीति आयोग, विधि आयोग और संविधान समीक्षा आयोग विचार कर चुके हैं। अभी हाल ही में विधि आयोग ने देश में एक साथ चुनाव कराये जाने के मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों, क्षेत्रीय पार्टियों और प्रशासनिक अधिकारियों की राय जानने के लिये तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। इस कॉन्फ्रेंस में कुछ राजनीतिक दलों ने इस विचार से सहमति जताई, जबकि ज्यादातर राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया। डायरेक्टर आईसीसीआई कहते है कि वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर लॉ पैनल संविधान में एक नया चैप्टर जोड़ सकता है. इसके जरिए आयोग 2029 तक देश में लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश कर पाएगा. आपको बता दें विधि आयोग के अलावा, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति भी एक रिपोर्ट पर काम कर रही है. वहीं कैसे संविधान और मौजूदा कानूनी ढांचे में बदलाव करके लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन लागू करने के लिए कई राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल घटेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में हाल ही में चुनाव हुए हैं। इसलिए इन विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाएगा। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकते हैं ।
