ओडिशा की धरती पर हरियाणा लोक कला संघ ने बिखेरे संस्कृति के रंग, नम्रता शांडिल्य एवं टीम ने जीता दर्शकों का दिल
On the land of Odisha, Haryana Folk Art Association spread the colors of culture, Namrata Shandilya and the team won the hearts of the audience

बलराम शर्मा
राउरकेला, ओडिशा |
हरियाणा नागरिक संघ, राउरकेला द्वारा हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल, राउरकेला में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बेहद सफल एवं उत्साहपूर्ण रहा। हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक नृत्यों और लोक गीतों ने ओडिशा की धरती पर हरियाणवी संस्कृति की अनूठी छटा बिखेरी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुमन सावड़िया (बरगढ़), एम.डी., संस्कार इंटरनेशनल स्कूल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में हरियाणा नागरिक संघ के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक श्री संजय अग्रवाल तथा सह-संयोजक श्री उमाशंकर सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में हरियाणा लोक कला संघ, रोहतक की ओर से प्रसिद्ध हरियाणवी कलाकार नम्रता शांडिल्य एवं उनकी टीम ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। हरियाणवी लोक गीतों, पारंपरिक लोक नृत्यों और रंग-बिरंगी वेशभूषा से सजे इस कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को हरियाणवी संस्कृति के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध हरियाणवी लोक गायिका ईशा पांचाल जी ने अपनी मधुर आवाज और शानदार हरियाणवी लोक गीतों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक झूम उठे। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को हरियाणवी संस्कृति के रंग में रंग दिया। वहीं प्रसिद्ध हरियाणवी एंकर अभिमन्यु (अभी हरियाणा) ने अपने प्रभावशाली मंच संचालन, हरियाणवी बोली और मनोरंजक अंदाज से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
नम्रता शांडिल्य, काफी किरार, महक, तन्नू, संजू नागर, गरिमा और पूनम ने हरियाणवी लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। कलाकारों की ऊर्जा, पारंपरिक पहनावे और लोक संस्कृति की खूबसूरत झलक को दर्शकों ने खूब सराहा। पूरा कार्यक्रम तालियों की गड़गड़ाहट और हरियाणवी संस्कृति के उत्साह से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा लोक कला संघ की टीम द्वारा मुख्य अतिथि श्री सुमन सावड़िया एवं हरियाणा नागरिक संघ, राउरकेला को हरियाणा के प्रसिद्ध चित्रकार श्री हरविंदर मलिक जी द्वारा बनाई गई हरियाणवी संस्कृति पर आधारित सुंदर पेंटिंग स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की गई। यह पेंटिंग हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है। इस विशेष भेंट के माध्यम से हरियाणा लोक कला संघ ने अपनी कला और संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का संदेश ओडिशा की धरती तक पहुँचाया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हरियाणा से दूर रह रहे लोगों को अपनी संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाजों और परंपराओं से जोड़े रखना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम ने हरियाणा और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का सुंदर संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के यादगार पलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को कैमरे में कैद करने की जिम्मेदारी कैमरापर्सन जतिन, रोहित और कैलाश लोहट ने निभाई। वहीं कार्यक्रम के दौरान टीम सहयोग में अरुणा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर नम्रता शांडिल्य ने हरियाणा नागरिक संघ के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक श्री संजय अग्रवाल, सह-संयोजक श्री उमाशंकर सिंघल, उपाध्यक्ष श्री चंद्रशेखर गुप्ता एवं सभी पदाधिकारियों और आयोजकों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लोक संस्कृति को देश के विभिन्न राज्यों में प्रस्तुत करना गर्व की बात है। ओडिशा की धरती पर हरियाणवी संस्कृति के प्रति लोगों का उत्साह, स्नेह और सम्मान पूरी टीम के लिए बेहद यादगार रहा।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। हरियाणा दिवस का यह आयोजन हरियाणवी संस्कृति, लोक कला और परंपराओं के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सफल एवं सराहनीय प्रयास साबित हुआ।
